कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आखिरकार इस्तीफा दे दिया। उन्होंने मंत्रियों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग में यह घोषणा की। सिद्धारमैया ने कहा कि हाईकमान ने उनसे ढाई साल का वादा किया था और अब वह अपने वचन के अनुसार पद छोड़ रहे हैं। वह राज्यपाल के निजी सचिव को अपना इस्तीफा सौंपेंगे क्योंकि राज्यपाल थावरचंद गहलोत फिलहाल बेंगलुरु में नहीं हैं। इस दौरान डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पैर छूकर सम्मान प्रकट किया। सूत्रों के अनुसार, शिवकुमार ही अब मुख्यमंत्री पद की कमान संभाल सकते हैं। सिद्धारमैया ने कहा कि हाईकमान के फैसले को वह नहीं टाल सकते थे। उन्होंने अपनी सरकार के कार्यकाल में गारंटी योजनाओं को लागू करने का श्रेय लिया। इस्तीफे के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में वह भावुक भी हुए। शिवकुमार ने सिद्धारमैया को गुरु बताते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में आगे बढ़ेंगे। राज्य में सत्ता-हस्तांतरण की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी होने की उम्मीद है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक जल्द ही बुलाई जाएगी। विपक्ष ने इसे ‘ढाई साल के फॉर्मूले’ का नतीजा बताया। अब सभी की नजरें शिवकुमार के शपथ ग्रहण पर होंगी। इस फेरबदल से कर्नाटक की राजनीति में नया अध्याय शुरू होगा। सिद्धारमैया ने साफ किया कि वह पार्टी में सक्रिय रहेंगे।
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