चीन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी क्रांतिकारी थेरेपी की खोज की है जो परमाणु विस्फोट के बाद मनुष्यों को विकिरण के हानिकारक प्रभावों से बचा सकती है। इस थेरेपी को ‘न्यूक्लियर शील्ड’ का नाम दिया गया है। यह खोज उस समय हुई जब दुनिया भर में परमाणु सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं। वैज्ञानिकों का दावा है कि यह थेरेपी कोशिकाओं को विकिरण क्षति से बचाने में सक्षम है। इससे न सिर्फ परमाणु हमले के बल्कि न्यूक्लियर एक्सीडेंट या रेडिएशन लीकेज के मामले में भी लोगों को बचाया जा सकता है। थेरेपी का परीक्षण प्रयोगशाला में सफल रहा है और अब इसे बड़े स्तर पर परखने की योजना है। अगर यह तकनीक मानव पर उतनी ही कारगर साबित होती है, तो यह परमाणु युग की सबसे बड़ी चिकित्सीय उपलब्धियों में से एक होगी। हालाँकि, विशेषज्ञों का कहना है कि अभी और जांच की आवश्यकता है। इस खोज ने वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में हलचल मचा दी है।
Source: Source