भीषण गर्मी और लू अब केवल डिहाइड्रेशन तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियों का कारण भी बन रही है। पिछले दो महीनों में हृदय और मस्तिष्क संबंधी बीमारियों के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक तापमान शरीर पर गंभीर असर डाल रहा है। एसीआई में जनवरी से अप्रैल के बीच करीब 585 मरीजों की एंजियोप्लास्टी की गई है। इसी अवधि में 726 मरीजों की एंजियोग्राफी भी की गई है। एंजियोप्लास्टी का अर्थ है हार्ट अटैक के बाद मरीजों में स्टेंट लगाना। वहीं, डीकेएस और अन्य निजी अस्पतालों में ब्रेन स्ट्रोक के कई मरीज सामने आए हैं। हाल ही में योग आयोग के अध्यक्ष की मौत ने भी इस चिंता को और बढ़ा दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी में सावधानी न बरतना जानलेवा साबित हो सकता है। लोगों को हाइड्रेटेड रहने और धूप से बचने की सलाह दी जा रही है।
Source: Source