जींद जिले में साइबर ठगों ने विदेश में रह रहे रिश्तेदारों के नाम पर ठगी का नया तरीका अपनाया है। शिक्षा विभाग के एक कर्मचारी सतीश कुमार को उनके ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले चचेरे भाई रणबीर के नाम से फेसबुक मैसेंजर पर मैसेज आया। ठग ने भारत आने और खाते में पैसे डालने की बात कहकर सतीश से बैंक खाते की जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद 9.45 लाख रुपये जमा होने की फर्जी रसीद भी भेजी गई। फिर एक तथाकथित ट्रैवल एजेंट ने व्हाट्सएप कॉल कर सतीश को डराया कि रणबीर को ऑस्ट्रेलिया में पकड़ लिया गया है और वीजा बचाने के लिए तुरंत पैसे चाहिए। भाई को मुसीबत में समझकर सतीश घबरा गए। उन्होंने 14 से 17 मई के बीच अपने, पत्नी और रिश्तेदारों के विभिन्न बैंक खातों से कुल 6 लाख 6 हजार रुपये ठगों के खाते में ट्रांसफर कर दिए। 17 मई को जब ठग ने एयर टिकट के लिए 1.90 लाख रुपये और मांगे, तब सतीश को शक हुआ। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में रणबीर से संपर्क किया तो पता चला कि वह ठीक है और उसने कोई पैसे नहीं मांगे थे। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना जींद ने अज्ञात ठगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) और 319 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की ट्रेसिंग कर रही है। यह घटना साइबर ठगी के बढ़ते खतरे और सतर्कता की आवश्यकता को दर्शाती है।
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