दुर्ग में शुरू हुई जेंडर‑बैलेंस्ड काउंसलिंग, टूटते परिवारों को मिलेगी नई राह

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले ने हाल में जेंडर‑बैलेंस्ड काउंसलिंग योजना लागू की है, जिसका उद्देश्य पारिवारिक कल्याण बढ़ाना और टूटते रिश्तों को रोकना है। इस पहल में परिवार के सभी सदस्यों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को समान रूप से मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक मदद प्रदान की जाएगी। काउंसलर टीम को लिंग‑समतावादी दृष्टिकोण से प्रशिक्षित किया गया है, जिससे दोनों लिंगों की समस्याओं को समझ कर उचित समाधान प्रस्तुत किया जा सके। सरकार के कहना है कि इस कार्यक्रम के तहत न केवल गृह हिंसा बल्कि बुजुर्गों की उपेक्षा और पुरुषों के मानसिक तनाव जैसी मुद्दों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रारंभिक रिपोर्टें दर्शा रही हैं कि कई परिवारों ने इस सेवा को अपनाकर आपसी संवाद में सुधार और तनाव कम करने में सफलता पाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहा तो इसे अन्य छत्तीसगढ़ी जिलों में भी लागू किया जा सकता है।