थिरु मूवलवन ने कहा, “मैं 2021 से विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा रखता हूँ। विधानसभा में हमारा काम जनता की राय बनाता है, जबकि संसद में जाना एक सम्मान है।” उन्होंने तमिलनाडु की राजनीति को देखते हुए भाजपा की धीरे‑धीरे क्षेत्रीय पार्टियों को कमजोर करके अपना राजनैतिक प्रभाव बढ़ाने की रणनीति को “चिंता का कारण” बताया। थिरु मूवलवन का मानना है कि यदि भाजपा को अधिकांश सीटें मिल भी जाएँ, तो वह डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव अलायंस (DMK) को तोड़ने की कोशिश कर सकती है, जिससे राज्य की राजनैतिक संतुलन बिगड़ सकता है। इस बयान में वे भाजपा के विस्तारवादी इरादों और क्षेत्रीय शक्ति पर इसके संभावित प्रभाव को उजागर कर रहे हैं।