दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस हफ्ते ऋचा चड्ढा और कई डिजिटल समाचार प्लेटफ़ॉर्म को कड़ी टिप्पणी का सामना करते हुए कहा कि उन्होंने पीडब्ल्यूसी के वरिष्ठ भागीदार के खिलाफ बिना ठोस प्रमाण के आरोप लगाए हैं। अदालत ने बताया कि अभिनेता ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था, जिसमें कहा गया था, “Make him famous,” जिससे यह माना गया कि वह किसी विशेष व्यक्ति को बड़े दायरे में लाना चाहता है। इस पोस्ट के बाद कई साइटों ने उस भागीदार पर अनुचित पेशेवर एवं नैतिक दुराचार के झूठे आरोप लगाए, जिससे उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने की संभावना बनी। न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि सार्वजनिक व्यक्तियों या कॉर्पोरेट अधिकारियों पर ऐसी गंभीर क्षति पहुँचाने वाले आरोपों को बिना प्रमाण के प्रकट करना न सिर्फ़ गैर‑जिम्मेदाराना है, बल्कि मानहानि के दायरे में आता है। चड्ढा और समाचार माध्यमों को भविष्य में तथ्यों की पुष्टि के बिना ऐसी पोस्ट्स साझा न करने के लिए चेतावनी दी गई है, और उन्हें उठाए गए नुकसान के लिए उचित क्षतिपूर्ति देने का निर्देश दिया गया है।