लक्ष्मीकांत बंसोड़, बालोद। डौंडी थाना क्षेत्र के बंधिया पारा में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां एक नाबालिग ने 10वीं कक्षा में लगातार दो साल फेल होने के कारण तनाव में आकर आत्महत्या का कदम उठाया। पुलिस के अनुसार, परिजनों ने उसे पढ़ाई में लगातार असफलता को लेकर चिंतित देखा था। यह घटना न केवल उस परिवार के लिए एक भयानक सदमा है, बल्कि साथ ही हमारे समाज के लिए भी एक चेतावनी है। छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों के प्रति जागरूक करना अति आवश्यक है, ताकि वे कठिन परिस्थितियों में उचित सहायता प्राप्त कर सकें। शिक्षा के बोझ तले युवा अक्सर दबाव महसूस करते हैं, और इस तरह की घटनाएं हमें सोचने पर मजबूर करती हैं कि हमें बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान क्यों देना चाहिए। शिक्षकों और अभिभावकों को भी चाहिए कि वे बच्चों के प्रति समझदारी और सहानुभूति दिखाएं, ताकि उन्हें ऐसे कठोर कदम उठाने की नौबत न आए।