
भारत के रजिस्ट्री जनरल और जनगणना आयुक्त ने राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजे हुए एक पत्र में जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 11 के तहत दंड के प्रावधानों को रेखांकित किया है। इस धारा के अनुसार, यदि कोई अधिकारी अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करता, तो उसे तीन वर्ष तक की कारावास की सजा और जुर्माना भरना पड़ सकता है। पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि जनगणना संचालन एक कानूनी दायित्व है और इसे पूर्ण रूप से लागू करना आवश्यक है। अधिकारीयों को समय पर डेटा संग्रह, वैध दस्तावेज़ीकरण और रिपोर्टिंग करने की अनिवार्य जिम्मेदारी दी गई है। इस चेतावनी का उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया की विश्वसनीयता और सटीकता को सुनिश्चित करना तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचना है। उल्लंघन की स्थिति में कड़ाई से कार्यवाही की जाएगी।