वित्त मंत्रालय ने कहा कि मार्च 2025-26 में जीएसटी संग्रह में 8.8% की तेज़ी दर्ज हुई, जिससे राजस्व 22.27 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया। यह वृद्धि औद्योगिक उत्पादन, निर्यात और सेवा क्षेत्र की तेज़ी को दर्शाती है, जबकि कर अनुपालन और डिजिटल भुगतान प्रणाली में सुधार ने भी योगदान दिया। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 8.3% की कुल सालाना बढ़ोतरी ने सरकारी खज़ाने को मजबूत किया और विकास एवं सामाजिक योजनाओं के लिए अतिरिक्त फंड उपलब्ध कराए। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कर नीति में स्थिरता बनी रही तो भविष्य में भी यह रुझान जारी रह सकता है, जिससे आर्थिक विकास को बल मिलेगा।