
वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के दौरान भारत के कुल GST राजस्व में 8.8% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो मार्च माह में 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया। यह वृद्धि पिछले वर्ष की तुलना में करगुजारियों की मस्बूत compliance और आर्थिक पुनरुत्थान का परिचायक है। सरकार ने हाल ही में उपकरणों पर कर दरों को सुगम बनाने, ई-कॉमर्स लेनदेन को नियमित करने और छोटे व्यवसायों के लिए कर रियायतें देने जैसे कदम उठाए, जिससे उल्लेखनीय राजस्व वृद्धि सम्भव हुई। इस बढ़त ने केंद्रीय बजट में अतिरिक्त आय प्रदान की, जो सामाजिक कल्याण, बुनियादी ढांचा विकास और ऊर्जा सुरक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश को सुदृढ़ करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह रुझान बना रहा तो अगले वित्तीय वर्ष में GST संग्रह में दो अंकों की और वृद्धि देखी जा सकती है, जिससे आर्थिक मानचित्र पर भारत की स्थिति और भी सुदृढ़ होगी।