
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने ज्वार, गुरुग्राम में इथेनॉल मिश्रण की रणनीति को रेखांकित करते हुए कहा कि यह योजना यूपी के शुगरकेन बेल्ट को बूस्ट करेगी। 50 लाख से अधिक किसान, जो गन्ने की खेती पर निर्भर हैं, इस कदम से लाभान्वित होंगे—उच्च कीमतों और नई बाजार संभावनाओं की आशा के साथ। सरकार ने 2025 तक इथेनॉल मिश्रण को 20% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है, जिससे आयात पर निर्भरता घटेगी और नवीकरणीय ईंधन को बढ़ावा मिलेगा। इस पहल को 2027 के विधानसभा चुनावों का अहम मुद्दा माना जा रहा है, क्योंकि यूपी में वोटरी बेस इस योजना के आर्थिक प्रभाव को देखेगा। अधिकारी और किसान दोनों इस बिंदु को नोट कर रहे हैं कि अगर नीति सफल रही तो गन्ने की कटाई बढ़ेगी, बायोफ्यूल की मांग में उछाल आएगा और प्रदेश की राजस्व में इजाफा होगा।