डिप्लोमैटों द्वारा “बड़ा दमन” कहा गया रूस का नया कदम अब VPN सेवाओं को लक्ष्य बना रहा है। सरकार लगातार मोबाइल इंटरनेट को ब्लॉक कर रही है और प्रमुख मैसेंजर सेवाओं में जाम कर रही है, जिससे नागरिकों की ऑनलाइन सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर असर पड़ रहा है। नई नियमावली के तहत, VPN प्रदाताओं को आधिकारिक अनुमति हासिल करनी होगी, वर्ना उन्हें फ़ौरन बंद कर दिया जाएगा। कई उपयोगकर्ताओं ने बताया कि अब वे अपने डेटा को एन्क्रिप्ट करने या भूगोल-प्रतिबंधित साइटों तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक तरीकों की तलाश में हैं। इस कार्रवाई का उद्देश्य राज्य की जानकारी पर नियंत्रण को सुदृढ़ करना माना जा रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने इसे नागरिक अधिकारों के उल्लंघन के तौर पर आलोचना की है।