
ईरान के दक्षिणी खाड़ी में स्थित छोटा सा खारग द्वीप, देश की सबसे अहम ऊर्जा परिसरों में से एक का घर है। यहाँ स्थित तेल टर्मिनल, देश के समुद्री तेल निर्यात का प्रमुख केंद्र है और इसे कई बार अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों के निशाने पर आया है। अमेरिका इस द्वीप को अपनी नजर में रखने के कई कारण बताता है: पहला, खारग पर स्थित टैंक और पाइपलाइन कई पश्चिमी देशों के आर्थिक प्रतिबंधों को बायपास करने की क्षमता रखते हैं, जिससे ईरान को तेल की बिक्री में संघर्ष करने की आज़ादी मिलती है। दूसरा, यह द्वीप रणनीतिक रूप से दुविधा में स्थित है—गुज़रते हुए शिपिंग लेन पर नियंत्रण रखता है, जिससे सैन्य और समुद्री सुरक्षा पर असर पड़ता है। तीसरा, अमेरिकी नौसैनिक बड़ाई और मौजूदा क्षेत्रीय तनावों को देखते हुए, खारग को संभावित लक्ष्य बनाना, ईरान पर राजनयिक दबाव बढ़ाने का एक साधन माना जाता है। इस प्रकार, ईरान की ऊर्जा साख को कमजोर करने और क्षेत्र में अमेरिकी प्रभाव कायम रखने के लिए खारग द्वीप पर अमेरिकी नजरअंदाज नहीं की जा रही है।