
टेक जगत के शीर्ष CEOs अब AI के कारण बड़े पैमाने पर नौकरी छंटनी को लेकर सार्वजनिक रूप से बात कर रहे हैं, जबकि वही कंपनियां निवेश की कमी का हवाला दे रही हैं। उनका कहना है कि स्वचालित उपकरणों की तेज़ी से अपनाने से कई मध्य-स्तरीय पदों की जरूरत घट गई, जिससे बड़े रिफ़ॉर्म और छंटनी हुई। इसके साथ ही, इन नेताओं ने कहा कि एआई में और अधिक पूँजी निवेश न करने से प्रतिस्पर्धा में पीछे रहने का खतरा है, जो दीर्घकाल में नई नौकरियां पैदा कर सकता है। आलोचकों का मानना है कि यह तर्क CEOs को लागत घटाने के लिए जिम्मेदारी से बचाने की रणनीति है, क्योंकि वास्तव में छंटनी का कारण अक्सर आर्थिक मंदी और व्यवसाय मॉडल में बदलाव होता है। फिर भी, AI के संभावित प्रभाव पर चर्चा बढ़ रही है, और यह प्रश्न बना रहता है: क्या यह तकनीकी उछाल वास्तविक नौकरी हार को लेकर है या केवल एक सार्वजनिक बहाना?