
दिल्ली उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार की निष्ठुर प्रबंधन की निंदा करते हुए “माफ़ी की स्थिति” कहकर एक सिंगल माँ को बाइल granting किया, जिसका संबंध एक अवैध दत्तक जाल से था। अदालत ने कहा कि रजिस्ट्रेशन और निगरानी में गड़बड़ी ने जाँच को बाधित किया, जिससे कई असुरक्षित बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ी। कोर्ट ने बाइल के लिए शर्तें तय कीं: आरोपी को कड़ी निगरानी में रहना होगा, किसी भी आपराधिक गतिविधि में लिप्त नहीं होना और पुलिस को हर दो हफ्ते में रिपोर्ट देना होगा। साथ ही, अदालत ने राज्य से दत्तक प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी को सुदृढ़ करने का आदेश दिया, ताकि भविष्य में ऐसे जाल फिर न फेंके जाएँ। यह निर्णय दत्तक व्यवस्था में सुधार और बच्चों की सुरक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण कदम माना गया है।