
एक ग्रामीण स्कूल के पास गति सीमा से ऊपर गाड़ी चलाने वाले चालकों को अब दण्ड बिंदुओं की बजाय विद्यार्थियों की प्रश्नावली का जवाब देना पड़ रहा है। स्थानीय अधिकारियों ने इस अनोखे उपाय को अपनाया है ताकि ड्राइवरों की सुरक्षा समझ बढ़े और उनका व्यवहार सुधार हो। छात्रों ने एकजुट हो कर गाड़ी रोककर ड्राइवरों से उनकी गति, सड़क सुरक्षा के नियम और बच्चों की सुरक्षा के महत्व के बारे में सवाल पूछे। इस पहल से न केवल चालकों को अपनी गाड़ी चलाने की आदतों पर पुनर्विचार करना पड़ता है, बल्कि बच्चों में सड़क सुरक्षा की जागरूकता भी बढ़ती है। अधिकारी बताते हैं कि यह प्रयोग त्वरित परिवर्तन लाने में मददगार साबित हो सकता है और भविष्य में इस तरह के कार्यक्रम अन्य स्कूलों में भी लागू किए जा सकते हैं।