मुंबई के सिविल कोर्ट के जज अजय मिश्रा ने हाल ही में 93,000 रुपये का साइबर धोखा झेला, जब उनके एंड्रॉयड फोन पर दिखाई देने वाली असामान्य पिंक लाइन ने मालिशिया लिंक को छुपा कर प्रस्तुत किया। फर्जी एप्लिकेशन ने टैक्स रिफंड का बहाना बना कर जज को एक बॉर्डरलेस ग्राफिकल पिंक लाइन दिखायी, जिससे उनका ध्यान विचलित हुआ। लिंक पर क्लिक करने पर एक फर्जी बैंकींग पेज खुला, जहाँ जज ने अपने OTP और कार्ड डिटेल्स भरोसे के कारण दे दिए। तुरंत ही 93,000 रुपये उनके खाते से ट्रांसफर हो गए। जज ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई, जिससे डिटेक्टिव्स ने पिंक लाइन के कोड की जाँच शुरू की। तकनीकी विशेषज्ञों ने बताया कि इस पिंक लाइन को वॉट्सएप के मैसेज डिलीवरी इंडिकेटर की नकल करके बनाय गया था, जिससे उपयोगकर्ता तुरंत पहचान न कर सके। फ़ौरन जांच में शामिल हुए हैकर को ट्रैक कर पुलिस ने दो संदिग्धों को वारंट के साथ गिरफ्तार कर लिया। इस केस ने साइबर सुरक्षा की जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया, खासकर सरकारी अधिकारियों में।