केरल के चुनावी माहौल में राहुल गांधी ने भाजपा और लीडीएफ के बीच मिलकर युडीएफ को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी सैबरीमाला मंदिर को लेकर पूरी तरह से मौन हैं, जबकि लोगों की चिंताएँ बढ़ रही हैं।” इस बयान में उन्होंने यह भी नोट किया कि कांग्रेस को अब सत्ता में वापसी के लिए दो गणराज्यीय गठजोड़ की जरूरत है, जबकि विपक्षी दलों को “साझा मंच” बनाकर चुनौतियों का मुकाबला करना चाहिए। राहुल ने यह उजागर किया कि लीडीएफ और बीजेपी की रणनीति, गठबंधन के बाहर की सभ्यतागत मुद्दों पर टकटकी लगाकर, उडिफ़ के विकास कार्यों को बर्खास्त करने की कोशिश है। सैबरीमला के धार्मिक विवाद को लेकर यह टिप्पणी केरल में चुनावी लड़ाई को और गरमाने की संभावना रखती है।