
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण रुख अपनाते हुए बताया कि दुर्घटना ट्रिब्यूनल को क्षतिपूर्ति देते समय ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की अंतरिम क्षति को घटाने का अधिकार नहीं है। यह फाइल 2021 में दायर हुई थी, जहाँ एक ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के ड्राइवर के कारण एक गंभीर दुर्घटना हुई थी और पीड़ित पक्ष को मुआवजा मिला था। न्यायालय ने कहा कि अंतरिम क्षति को अलग से निपटाया जाना चाहिए और उसे सीधे क्षतिपूर्ति में घटाया नहीं जा सकता, क्योंकि यह दो अलग-अलग दावों की प्रकृति है। इस फैसले से भविष्य में ऐसे मामलों में ट्रिब्यूनल को नियमों के अनुसार कार्य करने की स्पष्ट दिशा मिलेगी, और पीड़ित पक्ष को उचित मुआवजा सुनिश्चित होगा। न्यायालय ने पक्षों को निर्देश दिया कि अंतरिम क्षति के लिए स्वतंत्र मुकदमा दायर किया जाए।