
पूर्व उपभोक्ता सेवा केंद्र के एक कर्मचारी, अजय (नाम बदल दिया गया), को 55 वर्ष की आयु के कारण ओडिशा सरकार की एक महत्वपूर्ण पद की रिक्ति से बाहर कर दिया गया। अजय ने यह निर्णय अनुचित मानते हुए न्यायालय में याचिका दायर की। हाई कोर्ट ने यह पाया कि उम्र को लेकर विशेष मानदंड लागू करना संवैधानिक सुरक्षा के विपरीत है और यह विधि का दुरुपयोग है। न्यायालय ने 5 लाख रुपये के वित्तीय राहत का आदेश दिया और प्रशासन को नौकरी का पुन:आवंटन करने तथा समान अवसर सुनिश्चित करने को कहा। इस फैसले ने नौकरी मिलने के अवसरों में आयु के पूर्वाग्रह को खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे कई वरिष्ठ जॉब सीकर्स को आशा मिलती है।