गूगल ने फरवरी के एक रिपोर्ट में बताया कि 2018 से सक्रिय एक समूह, जिसे उत्तर कोरिया की सायबर इकाई माना जाता है, ने ऑनलाइन सेवाओं को चलाने वाले कम दिखाई देने वाले सॉफ़्टवेयर को निशाना बनाया है। यह समूह खासतौर पर क्रिप्टोक्यूरेंसी और वित्तीय उद्योगों को टार्गेट करता रहा है, जहाँ वह मैलवेयर, रैनसमवेयर और डेटा चोरी के माध्यम से बड़े पैमाने पर नुकसान कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस हेकर्स की तकनीकी कुशलता ने उन्हें बुनियादी बुनियादी इन्फ्रास्ट्रक्चर में घुसपैठ करने की अनुमति दी, जिससे कई कंपनियों के संचालन में झटके लग सकते हैं। गूगल ने इस खतरे को उजागर कर उपयोगकर्ताओं को सतर्क रहने और सुरक्षा प्रोटोकॉल को कड़ा करने की सलाह दी है।